Wednesday, August 12, 2026
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फरीदाबाद, राकेश देव। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 10 अगस्त को ‌ होने वाले आक्रोश प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन में ‌ सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन ( सीटू) के ‌ सैकड़ो कार्यकर्ता भाग लेंगे। इस ‌ आक्रोश प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए ‌ जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल फरीदाबाद के ‌ द्वारा हजारों हैंड बिल छपवाये गए हैं। सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर,‌ जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल , ‌ स्टार वायर यूनियन के प्रधान सुदर्शन और भारत गियर लिमिटेड के प्रधान रवि , सचिव मनोज और कोषाध्यक्ष प्रेम और ‌ ऑटो रिक्शा ड्राइवर यूनियन के सदस्य जसवंत ने इन पर्चों को ‌ विभिन्न कारखानों के श्रमिकों के बीच में वितरित किया। श्रमिकों के नेताओं ने कहा कि मजदूरों, किसानों और आम जनता के अधिकारों तथा रोजी-रोटी से जुड़े सवालों को लेकर चलाए जा रहे इस संघर्ष में सभी को सहयोग ‌ देना चाहिए। क्योंकि कि केंद्र की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर और आम जनता को ‌ भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा, खेती की बढ़ती लागत और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। अभी तक ‌ किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को ‌लागू नहीं किया। श्रम कानूनों को कमजोर करके चार श्रम संहिताएं ‌ बनाकर इनको लागू किया जा रहा है। ठेका प्रथा और अस्थायी रोजगार बढ़ रहा है। तथा न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की गारंटी जैसे सवालों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सभी मजदूरों को सम्मानजनक वेतन, स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और श्रम अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मनरेगा को मजबूत करने, काम के दिनों और मजदूरी में बढ़ोतरी, ग्रामीण मजदूरों को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा देने, सार्वजनिक क्षेत्र को बचाने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की भी जरूरत है। खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दूध, रसोई गैस, खाद्य तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। बेरोजगारी लगातार गंभीर समस्या बनी हुई है। सरकार को महंगाई पर रोक लगाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के ठोस कदम उठाने चाहिए। बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर योजना को तुरंत रोका जाना चाहिए। यह आंदोलन केवल मजदूरों और किसानों का नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही पूरी आम जनता का संघर्ष है। उन्होंने प्रदेश के मजदूरों, किसानों, खेत मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे 10 अगस्त के ‘जेल भरो’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाएं और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।

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