फरीदाबाद, राकेश देव ।केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल फरीदाबाद के बैनर तले सैकड़ो श्रमिकों और कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। और जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारी चार श्रम संहिताओं को रद्द करो, 8 घंटे काम लो, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दो, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए लागू करो के नारे लगा रहे थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज फरीदाबाद के विभिन्न कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों, परियोजना कर्मियों एव सरकारी विभागों के सैकड़ो कर्मचारी ओपन एयर थिएटर में एकत्रित हुए। यहां पर एक विरोध सभा का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता इंटक के हुकम चंद बेनीवाल, एटक के कामरेड बेचू गिरी, एच एम एस के राजपाल डांगी,सीटू के कामरेड निरंतर पराशर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान करतार सिंह, जागलान , आई सी टी यू के कामरेड जवाहरलाल ने संयुक्त रूप से की। जबकि कार्रवाई का संचालन कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने किया। इस मौके पर नहर पार किसान यूनियन के प्रधान सतपाल नरवत ने कहा कि मजदूरों, किसानों और आम जनता के अधिकारों पर केंद्र सरकार हमला कर रही है। देश के किसानों ने 13 महीने तक लगातार संघर्ष किया। जिसमें 700 किसानों की मौत हुई 50000 किसानों पर मुकदमे बने। अंत में किसानों की एकता के आगे सरकार को झुकना पड़ा और तीन काल़े कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा। सभा को संबोधित करते हुए एटक के आर एन सिंह ने बताया कि इस सरकार ने चार लेबर कोड्स बनाकर पुराने श्रम कानूनों को बदल दिया गया है। नई श्रम संहिताओं मे मज़दूरों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिलेगा। कंपनी प्रबंधन को अधिक शक्तिशाली बनाया गया है। काम के घंटे 8 से ज्यादा बढ़ाए गए। सामाजिक सुरक्षा गारंटी लगभग समाप्त कर दी गई है। एचएमएस के नेता एस डी त्यागी ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर और आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा, खेती की बढ़ती लागत और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। अभी तक किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लागू नहीं किया। सीटू की वित सचिव और आशा वर्कर यूनियन की जिला सचिव सुधा पाल ने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में प्रत्येक श्रेणी के श्रमिकों का भारी शोषण हो रहा है। नियमित काम पर ठेका प्रथा और अस्थायी रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वीकृत पदों पर भर्ती नहीं हो रही है। नए पद सृजित नहीं हो रहे हैं। श्रमिकों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता है। केंद्र की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में बढ़ोतरी नहीं कर रही है। जिससे आम जनता को अपना इलाज करवाने में मुश्किल होती है। सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान करतार सिंह जागलान ने कहां कि जब तक कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होता है। तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका कर्मचारी संघ 6 अगस्त से अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए हड़ताल पर है। अब उनकी हड़ताल 11 अगस्त तक बढ़ गई है। इसी तरह बिजली के अधिकारियों और कर्मचारीयों की हड़ताल आज रात को 10:00 बजे से शुरू हो रही है। यह हड़ताल निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर की जा रही है। इक्टू के कामरेड जवाहरलाल ने इस सरकार के खिलाफ सभी लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। इस सभा को आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हेमलता आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन की जिला प्रधान मालवती मिड डे मील की जिला सचिव गीता सीकरी, एटक के रामप्रसाद इंटक की नेत्री आशा शर्मा , अंशुल वत्स , हुड्डा कर्मचारी यूनियन के पूर्व प्रधान धर्मवीर वैष्णव ने भी संबोधित किया। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पर जाकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन एसडीएम फरीदाबाद को सौंपा गया । इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम भी नेहरू कॉलोनी के लोगों की मांगों का ज्ञापन भी दिया गया। यहां पर सभा को अध्यक्ष मंडल के नेता बेचू गिरी ने संबोधित किया। इस मौके पर सुशीला संगीता शाहीन परवीन नीलम कुसुम लता सीमा, सविता बैजू सिंह विजय झा, आज भी उपस्थित रहे।



