फरीदाबाद, राकेश देव। बारिश होने के बावजूद भी नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ के विरोध में निगम मुख्यालय के आगे नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। धरने की अध्यक्षता बिजेंदर ,पूनम, देवकी देवी और निरंतर पाराशर ने संयुक्त रूप से की। प्रदर्शनकारियों ने जमकर हरियाणा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी तोड़फोड़ को बंद करो, जिनके मकान तोड़े गए हैं। उनको पर्याप्त मुआवजा दो के नारे लगा रहे थे। धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने भाजपा सरकार पर वायदा खिलाफी का? आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त 2024 में मौजूदा विधायक ने यहां के निवासियों को नेहरू कॉलोनी में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होने देंने का आश्वासन दिया था। लेकिन अचानक प्रशासन ने 29 मई की रात को 2:30 बजे तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दे दिया। यह कार्रवाई तब की गई जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। जिन घरों पर बुलडोजर चला कर मकान तोड़े गए हैं। उनके मालिकों को घर खाली करने के लिए पहले कोई नोटिस तक नहीं दिया गया। ऐसा करने के बजाय मौखिक रूप से धमकी भरे लहजे में मकान खाली करने के लिए कहा गया। इस कॉलोनी में रहने वाले लोगों के पास राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली के मीटर, वोटर कार्ड,परिवार पहचान पत्र, सभी सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। फिर किस लिए इस प्रकार की कार्रवाई की गई। यदि सरकार के पास कोई परियोजना विचाराधीन थी ।तो उसे यहां की जनता के सामने रखना चाहिए था। उसे पर सहमति बनाने का भरसक प्रयास करना चाहिए था। सरकार ने लोकतांत्रिक तरीका नहीं अपनाया। पुलिस बल का प्रयोग करके लोगों में भय और डर का माहौल पैदा करके एक तरफा कार्रवाई की गई। इसके बाद वहां पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 को लगाकर लोगों की आवाज को दबाने का काम सरकार के द्वारा किया गया। जो बेहद चिंता जनक है। उन्होंने सरकार से नेहरू कॉलोनी में तोड़े गए मकान और दुकानों का मुआवजा देने और भविष्य में तोड़फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। आज के धरने को बलबीर , सुभाष,शीला देवी, संतरा, शकुंतला, पूनम, नीता, बिजेंदर, नरेश, देवकी आदि ने भी संबोधित किया।



