Monday, July 27, 2026
spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

फरीदाबाद, राकेश देव।टी इ टी के विरोध में और पुरानी पेंशन बहाली के लिए माननीय सांसद और केन्द्रीय मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर जी के मार्फ़त माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम सौंपा ज्ञापन। डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन हरियाणा ने टी इ टी का विरोध, सेवा अधिकारों की विधिक सुरक्षा एवं पुरानी पेंशन बहाली के लिए जिला प्रधान फरीदाबाद भीम सिंह की अध्यक्षता में माननीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर जी के मार्फत माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा।संघ ने हाल ही में आए माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में सरकार द्वारा आरटीई एक्ट 2009 के लागू होने से पहले कार्यरत अध्यापकों पर टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट की अनिवार्यता को लागू करना पूर्णतया असवैंधानिक और राजनीति से प्रेरित बताया है । संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रेखा रानी, जिला प्रधान एवं राज्य उपमहासचिव भीम सिंह और जिला प्रधान पलवल गीतेश कुमार, जिला सचिव वीरेंद्र सिंह, जिला सह सचिव भुट्टू खान, खंड सचिव राजेश कुमार, शशी बाला अध्यापिका, राज्य सचिव वेदपाल, वीर सिंह ने आज यहाँ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सरकार स्कूली शिक्षा को बर्बाद करने के लिए आए दिन नए-नए हथकंडे अपना रही है । सरकार नहीं चाहती की अध्यापक तनावरहित होकर अपने फर्ज को निभाए । जिन अध्यापकों को सरकार ने खुद नियुक्त किया था और पदों को विज्ञप्ति करते समय हर तरह की शर्त व योग्यता निर्धारित की थी तो आज 20-25 साल बाद सरकार उनसे ऐसा टेस्ट पास करवाकर कौन सी जीत हासिल करना चाहती है ।अध्यापक तो हमेशा परीक्षाओं से ही गुजरता रहता है। लेकिन अनिवार्य रूप से किसी टी इ टी जैसी परीक्षा उन पर थोंपना ना तो अध्यापक हित में है और ना ही सरकार के हित में । आरटीई 2009 सरकार ने ही बनाया और लागू किया था ना कि माननीय कोर्ट ने, तो फिर इस एक्ट के अंदर पहले से कार्यरत अध्यापकों को टी इ टी परीक्षा पास करने का प्रावधान कहाँ से आ गया । ये सब सरकार की सोची समझी चाल हो सकती है ।इतिहास गवाह है कि आज तक योग्यता में बदलाव के लिए ऐसा कोई कानून बना भी है तो वह भविष्य के लिए हुआ है ना कि पहले से कार्यरत कर्मचारियों के लिए ।सरकार इस मामले में तुरन्त कोई अध्यादेश जारी करे और अगर समय के अनुसार कार्यरत अध्यापकों को किसी ट्रेनिंग या फ्रेशर कोर्स की जरूरत है तो उसका इंतजाम करे जिसको करने के लिए अध्यापक कभी मना नहीं करता। लेकिन ऐसी शर्तें या टी इ टी जैसी अनिवार्यता तो उनके रोजगार और मान सम्मान के प्रति खिलवाड़ है ।संघ के नेताओं ने आगे कहा कि सरकार को अविलंब न्यू पेंशन स्कीम को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करनी चाहिए ताकि अध्यापकों की सेवा सुरक्षा के विधिक प्रावधानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके । संघ के नेताओं ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर सरकार ने टी इ टी के अपने इस फैसले को तुरन्त वापिस नहीं लिया और पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो हरियाणा भर में कार्यरत सभी अध्यापक जबरदस्त आंदोलन करेंगे।अतः समय रहते सरकार शिक्षा व शिक्षक हित में अध्यापकों की इन मांगों को लागू करे ताकि सभी अध्यापक स्कूलों में तनावरहित होकर अपना कार्य कर सकें ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles