Monday, July 27, 2026
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विजय प्रताप के जन्मदिवस पर लोगों ने लिया जनसेवा का सकंल्प

जिले भर से ग्रामीण और शहरी अंचलों से उमड़े लोगों ने दी विजय प्रताप को जन्मदिन की बधाई, फूल मालाओं और पगड़ी बांध कर किया सम्मानित

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, प्रसन्न जीवन की एवं दीर्घायु की कामना

राजनीति जनसेवा का माध्यम, सत्ता तो उन्होंने जन्म से ही देखी है: विजय प्रताप

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ दुरव्यवाहर, वह संसदीय परंपराओं के विपरीत: विजय प्रताप

फरीदाबाद, राकेश देव । हरियाणा के पूर्व मंत्री चौधरी महेन्द्र प्रताप सिंह के सुपुत्र वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विजय प्रताप सिंह का जन्मोत्सव वीरवार को सैनिक कालोनी स्थित उनके आवास पर जनसेवा के संकल्प के साथ भारी उत्साह, आत्मीयता के संग मनाया गया । वीरवार तडक़े से ही जिले भर से हजारों की तदाद में उनके समर्थक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यगणों , ग्रामीण और शहरी अंचलों से आए हजारों लोग ,कांग्रेस पार्टी के हजारों कार्यकर्ता पहुंचे और केक कटवाए ,मिठाईयां बांटी , पुष्पगुच्छा भेंट किए और पगड़ी बांध कर सम्मानित कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। विजय प्रताप ने सर्वप्रथम अपने जन्मदिवस पर पूजा अर्चना की , अपने माता -पिता से आर्शिवाद प्राप्त किया और अपने चाहने वाले हजारों समर्थकों के बीच पहुंचे और उनका आभार प्रकट किया। विजय प्रताप ने कहा कि राजनीति में सत्ता उन्होंने जन्म से ही देखी है उनके पूर्वजों की जनसेवा करने से ही उन्हें जनसेवा करने की प्ररेणा मिली है कि उनके जन्मदिवस पर हजारों तदाद की उमड़े लोगों के अपार प्यार, स्नेह का वह दिल की गहराईयों से आभार प्रकट करते हैं।इस मौके पर पहुंचे पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह संसदीय परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस की बर्बरता पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक से देश के लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं। पेपर लीक की वजह से लाखों होनहार बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब चुका है। कल जंतर-मंतर पर लोकतंत्र का काला दिन देखने को मिला, जहां शांतिपूर्वक अपने हक की आवाज उठाने गए मासूम छात्रों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां भांजीं गई। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाना उचित नहीं है । उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में मजदूरों ,किसानों ,व्यापारियों और अब बच्चों की आवाज को कुचलने का कुचक्र चल रहा है लेकिन भाजपा देश के लोगों की भावनाओं का सही से आकंलन नहीं कर रही ,जिसके चलते आज देशभर में लोगों का गुस्सा फूट रहा है।

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