फरीदाबाद, राकेश देव । सीटू जिला कमेटी फरीदाबाद ने सेक्टर 37 स्थित मदर्सन ग्रुप की मजदूरों की मांगों का समर्थन किया है। इस फैक्ट्री के वर्कर न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों को लागू करने के लिए हड़ताल पर रहे। हड़ताली कर्मचारियों को सीटू के महासचिव जय भगवान, उप प्रधान विनोद और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने सम्बोधित किया। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों की की मांगो को जायज बताया। और मैनेजमेंट से पुराने वर्करों के वेतन में बढ़ोतरी करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस कारखाने में यूनियन नहीं है। इसलिए मैनेजमेंट और श्रम विभाग के अधिकारी मजदूरों को वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर वेतन नहीं देना चाहते हैं। पदाधिकारीयों ने बताया था ।कि हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में 15200 की बढ़ोतरी की गई है। जबकि सीटू ने बढ़ती हुई महंगाई के अनुसार न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए करने की मांग की थी। सीटू ने पानीपत में 29 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में न्यूनतम वेतन 23196 रुपए का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। लेकिन इस प्रस्ताव पर सरकार ने गौर नहीं किया। मानेसर और गुड़गांव के श्रमिकों के आंदोलन के बाद जल्दीबाजी में मजदूरी में बढ़ोतरी का पत्र जारी कर दिया है। आज कंपनी की मैनेजमेंट और श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ श्रमिकों नेताओं की कई दौर की वार्ता के बावजूद भी मदर्सन ग्रुप का प्रबंध मजदूरों को वेतन नहीं देना चाहता है। क्योंकि पिछला वेतन रिवीजन 21 अक्टूबर 2015 को हुआ था । इसे 1 नवंबर 2015 से लागू किया गया था। कानून के अनुसार प्रत्येक 5 साल बाद न्यूनतम वेतन संशोधित होता है। 5 साल की निर्धारित अवधि अक्टूबर 2020 में समाप्त हो चुकी थी। लेकिन बढ़ती हुई महंगाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने न्यूनतम वेतन में इजाफा नहीं किया। आज फरीदाबाद के सभी कारखाने के श्रमिकों में भारी नाराजगी है। उन्हें कंपनी की कैंटीन में लंच तक नहीं करने दिया जाता। पे स्लिप नहीं मिलती है। बोनस नहीं दिया जाता है। 8 घंटे से अधिक काम करने पर डबल ओवर टाइम नहीं मिलता है। सीटू ने न्यूनतम वेतन लागू करने व गुड़गांव मानेसर व अन्य स्थानों पर जारी शांतिपूर्वक आंदोलन पर पुलिस दमन के खिलाफ और आठ मांगों के समर्थन में प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय और श्रम मंत्री के नाम उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन दिया। इस अवसर पर सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर,जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल और जिला कमेटी सदस्य राजेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। विभिन्न कारखानों और परियोजनाओं के संपूर्ण कर्मचारी और मजदूर भाग लेंगे।



