पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति हेतु फरीदाबाद प्रशासन का सख्त रुख
फरीदाबाद जिला प्रशासन ने पेट्रोल, डीज़ल, सीएनजी और एलपीजी जैसे आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने हरियाणा सरकार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के 11 मार्च 2026 के निर्देशों का हवाला देते हुए आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने पर जोर दिया। इसका मुख्य उद्देश्य आवश्यक पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखना और कृत्रिम कमी को रोकना है।
निगरानी और प्रवर्तन के लिए तंत्र
जिले में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर प्रभावी ढंग से निगरानी रखने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) फरीदाबाद को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को अपने-अपने उपमंडल क्षेत्रों में इन उत्पादों की नियमित समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि किसी भी स्तर पर जमाखोरी, कालाबाजारी या आपूर्ति में अनियमितता उत्पन्न न हो। डीसी आयुष सिन्हा ने स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जमाखोरी, कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूली करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ता सहायता और शिकायत निवारण
केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं को एलपीजी, पीएनजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा द्वारा एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु टोल-फ्री नंबर 1800-180-2087 भी जारी किया गया है, जिस पर कोई भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह पहल उपभोक्ताओं को किसी भी अनियमितता की रिपोर्ट करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का अवसर देती है।


