फरीदाबाद, राकेश देव। मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा विभिन्न स्थानों पर एक श्रृंखला के रूप में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। ये कार्यक्रम निम्न स्थानों पर आयोजित हुए:
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेवला महाराजपुर
- राजकीय महिला महाविद्यालय, सेक्टर 16ए, फरीदाबाद
- प्रेक्षण गृह एवं प्लेस ऑफ सेफ़्टी
- प्रभात अवेकनिंग
- करम मार्ग चैरिटेबल इंस्टीट्यूट
- थाना कोतवाली, फरीदाबाद
- अशोका एन्क्लेव, सेक्टर-34, फरीदाबाद (ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए, पहल फाउंडेशन के सहयोग से)
ये सभी जागरूकता कार्यक्रम माननीय श्री संदीप गर्ग, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम -चेयरमैन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद के कुशल मार्गदर्शन तथा श्रीमती रीतू यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-कम-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद के पर्यवेक्षण में आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती रीतू यादव ने प्रतिभागियों को मानवाधिकारों का अर्थ और महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार वे मूलभूत अधिकार हैं, जो प्रत्येक व्यक्ति को जन्म से प्राप्त होते हैं, जैसे—
जीवन का अधिकार
स्वतंत्रता का अधिकार
गरिमा एवं सम्मान का अधिकार
शारीरिक एवं मानसिक अखंडता का अधिकार
उन्होंने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी।ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम में रविन्दर गुप्ता, चीफ़ डिफ़ेन्स काउंसिल, फरीदाबाद ने प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मानवाधिकार, प्रत्येक भारतीय नागरिक के कर्तव्यों तथा ट्रांसजेंडर समुदाय को उपलब्ध विभिन्न कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फरीदाबाद के माध्यम से नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर श्री प्रभात शंकर, स्टेनोग्राफ़र, भी उपस्थित रहे।मानवाधिकार दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके मूलभूत अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा न्याय तक आसान पहुँच सुनिश्चित करना था।


