Thursday, July 9, 2026
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उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशन में जलभराव रोकथाम कार्यों की निगरानी तेज, एसडीएम व वरिष्ठ अधिकारी कर रहे लगातार फील्ड निरीक्षण

– मानसून से पहले एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद ने वार्ड-22 में नालों का किया निरीक्षण

फरीदाबाद, राकेश देव। बरसात के मौसम को देखते हुए संभावित जलभराव की रोकथाम तथा आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा मानसून पूर्व तैयारियों की सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद ने नगर निगम क्षेत्र के वार्ड-22 में स्थित प्रमुख नालों का निरीक्षण कर सफाई कार्यों एवं जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मानसून से पूर्व किए जा रहे कार्यों की प्रगति का आकलन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नालों का निरीक्षण कर सफाई कार्यों एवं जल निकासी व्यवस्था का जायजा लेते हुए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम त्रिलोक चंद ने नालों की सफाई, गाद निकासी तथा जल निकासी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात शुरू होने से पहले सभी नालों की समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां भी नालों में गाद, कचरा अथवा अन्य प्रकार का अवरोध दिखाई दे, उसे तत्काल हटाया जाए तथा जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू रखा जाए।एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में रहकर सफाई कार्यों की निगरानी करने तथा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव संभावित क्षेत्रों की विशेष रूप से पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यक मशीनरी, पंपिंग सेट एवं अन्य संसाधनों को पहले से तैयार रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।उन्होंने कहा कि उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशन में जिला प्रशासन मानसून पूर्व तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहा है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि वर्षा ऋतु के दौरान नागरिकों को जलभराव या जल निकासी संबंधी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी बनाए रखें तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करें।

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