मुख्य घटना: कांग्रेसी नेता जगन डागर को नजरबंद किया गया
फरीदाबाद में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, कांग्रेस के पूर्व पार्षद और वरिष्ठ नेता जगन डागर को पुलिस ने उनके सेक्टर-7 स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई चंडीगढ़ में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘मनरेगा बचाओ-देश बचाओ’ अभियान और हरियाणा विधानसभा घेराव कार्यक्रम में उनकी संभावित भागीदारी को रोकने के उद्देश्य से की गई थी। पुलिस सुबह पांच बजे ही डागर के निवास पर पहुंच गई थी, ताकि उन्हें और उनके समर्थकों को चंडीगढ़ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा सके। उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई, प्रभावी रूप से उन्हें उनके ही घर में हिरासत में रखा गया।
सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
अपनी नजरबंदी के दौरान, जगन डागर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रही है और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन कर रही है। डागर के अनुसार, सरकार कांग्रेस नेताओं द्वारा आम जनता के अधिकारों और हकों के लिए आवाज उठाने से घबरा गई है, और इसी बौखलाहट में वह इस तरह के ‘असंवैधानिक’ और अनुचित कदम उठा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार सभी सीमाओं को लांघकर विपक्षी नेताओं को चुप कराने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस का अटूट संकल्प
जगन डागर ने अपने बयान में कांग्रेस पार्टी के ऐतिहासिक प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से गरीब, मजदूर, दलितों, पिछड़ों और समाज के छत्तीस बिरादरी के लोगों के हक-हकूक की आवाज बुलंद की है। उन्होंने दृढ़ता से घोषणा की कि भाजपा सरकार की इस तरह की ‘औछी हरकतों’ से उनका मनोबल कतई कम नहीं होगा, और पार्टी भविष्य में भी जनता के हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। यह घटना हरियाणा में राजनीतिक विरोध और सरकार की प्रतिक्रिया के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।



