फरीदाबाद अग्निकांड का विवरण
फरीदाबाद के सेक्टर 24 स्थित मुजेसर कालका स्टील एवं मेटल शॉप में 16 फरवरी को एक भीषण अग्निकांड हुआ, जिसमें कुल 35 लोग बुरी तरह झुलस गए और अब तक 6 व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में फैक्ट्री मालिक का बेटा, एक पुलिसकर्मी और एक दमकल विभाग का कर्मचारी भी शामिल हैं। इस आगजनी में कुल 16 श्रमिक प्रभावित हुए थे, जो कालका स्टील, रावत क्रेन, लूप सेल, सिविक कंपनी, न्यू टेक और गीता स्टील जैसी विभिन्न कंपनियों से थे। आग काम के दौरान चिंगारी से भड़की थी, और दमकल विभाग के पहुंचने पर केमिकल से भरे ड्रमों ने अचानक आग पकड़ ली। इन ज्वलनशील केमिकलों के छीटों से कई लोग बुरी तरह झुलस गए, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
सीटू की प्रमुख मांगें और कार्रवाई
इस औद्योगिक त्रासदी के मद्देनजर, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) का एक शिष्टमंडल, जिसमें प्रधान निरंतर पराशर, जिला सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह डंगवाल और जिला जॉइंट सेक्रेटरी केपी सिंह शामिल थे, ने उप श्रम आयुक्त से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। सीटू और सर्व कर्मचारी संघ ने इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए 24 फरवरी को जिला मुख्यालय पर संयुक्त प्रदर्शन भी किया था। सीटू ने अपने ज्ञापन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
- प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता।
- मृतक के परिवार के एक सदस्य को अनुग्रह पूर्वक अनुदान नीति के तहत सरकारी नौकरी और उन्हें शहीद का दर्जा।
- इस अग्निकांड में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा।
- जान गंवाने वाले श्रमिकों की पत्नियों और बच्चों को आजीवन पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाए।
ये मांगें पीड़ितों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण हैं।



