मुख्य विरोध
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भाजपा सरकार द्वारा रसोई गैस सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना की है। हरियाणा राज्य सचिव मण्डल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि घरेलू एलपीजी (14.2 किग्रा) सिलेंडर पर 60 रुपये और कमर्शियल एलपीजी (19 किग्रा) सिलेंडर पर 115 रुपये की वृद्धि की गई है। यह बीते 11 महीनों में दूसरी बढ़ोतरी है।
मूल्य वृद्धि और प्रभाव
राज्य सचिव कामरेड प्रेम चंद और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि अब घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 925 रुपये और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत करीब 2200 रुपये हो गई है। सीपीआई(एम) का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतें आम नागरिकों के लिए असहनीय हो गई हैं और महंगाई के कारण खाना पकाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने भाजपा के “बहुत हुई महंगाई की मार” नारे पर सवाल उठाया, क्योंकि उनके शासनकाल में रसोई गैस 400 रुपये से लगभग 1000 रुपये तक पहुंच गई है।
अन्य जनविरोधी नीतियां
पार्टी ने भाजपा सरकार पर गरीबों को राहत न देने का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 14 लाख परिवारों को बीपीएल सूची से हटा दिया गया है, जिससे वे सस्ता राशन और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए हैं। केंद्र सरकार की अन्य जनविरोधी नीतियों में मनरेगा को खत्म करना, श्रमिक विरोधी लेबर कोड्स, बिजली संशोधन बिल, बीज संशोधन बिल और भारत-अमेरिका डील शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शन
सीपीआई(एम) ने घोषणा की है कि वह भाजपा सरकार की इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 9 से 20 मार्च तक प्रदेश भर में जन आक्रोश जत्थे चलाएगी और 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन करेगी।



