फरीदाबाद, राकेश देव। चार लेबर कोड्स को रद्द करने, ठेका प्रथा पर रोक लगाने, लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले बंद करने, सेवानिवृत्ति होने पर पेंशन सहित अन्य सुविधाओं की मांगों को लेकर आगामी 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल में पोस्टल एम्पलाइज, रेलवे मेंस यूनियन के कर्मचारी और इनकम टैक्स के कर्मचारी भी भाग लेंगे। यह जानकारी जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल के कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने दी। उन्होंने बताया कि आज इन विभागों के कर्मचारियों की बैठकें ली गई। इस मौके पर इंटक के जिला प्रधान हुकम चंद वैनिवाल, संजय कुमार, एच एम एम के राज्य कमेटी के नेता आर डी यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संघों के आह्वान पर होने वाली हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ने पूरी ताकत झोंक दी है। सरकार जन सेवाओं के विभागों जैसे रेल, रोडवेज, बिजली, पानी, डाक, तार, कोयला, इस्पात ,रक्षा हवाई अड्डा, बैंक, बीमा, टेलीकम्युनिकेशन आदि को देसी- विदेशी पूंजी पतियों को बेचने का अपना एजेंडा जारी रखे हुए हैं। केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों में 60 लाख पद खाली हैं।इन पर भर्ती बंद है।नये पद सृजित नहीं किये जा रहे हैं। प्रदेश की सरकार ने पिछले 11 साल में न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी नहीं की। सभी फैक्ट्रियों में श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन हो रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य का निजीकरण आम लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बन रहे हैं। क्योंकि कर्मचारीयों और श्रमिकों के वेतन का बड़ा हिस्सा बच्चों को शिक्षा देने और बीमार होने पर इलाज पर खर्च हो रहा है। निजी अस्पतालों का चिकित्सा खर्चा बहुत महंगा है। सरकार पुराने श्रम कानूनों को समाप्त करके चार श्रम संहिताओं को लागू करवाने पर आमदा है। इनके लागू होने से श्रमिकों और कामगारों के लिए संकट पैदा हो जाएगा। काम के घंटे 8 की बजाय 12 हो जाएंगे। सारी सुविधाओं में कटौती हो जाएगी।


