फरीदाबाद, राकेश देव। पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल चुनावों में महिला अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल के चुनावों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यह फैसला महिला अधिवक्ताओं की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया। याचिका सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड विकास वर्मा द्वारा दाखिल की गई थी, जिसमें बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि बार काउंसिल जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना समय की मांग है। उन्होंने माना कि लंबे समय से महिला वकीलों को चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिल पा रहा था, जिसे दूर करना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के आगामी चुनावों में 30 प्रतिशत सीटों पर महिला उम्मीदवारों का आरक्षण लागू होगा। इस निर्णय को महिला अधिवक्ताओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। महिला वकीलों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्यायपालिका में लैंगिक समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण…



