Monday, February 23, 2026
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स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा व केन्द्रीय राज्यमंत्री चौ.कृष्णपाल गुर्जर ने किया दिव्यांग एथलीटों के लिए हॉकी का शुभारंभ

फरीदाबाद, राकेश देव। खेलों के माध्यम से समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, स्पेशल ओलंपिक्स भारत (एसओबी) ने आधिकारिक तौर पर पूरे भारत में बौद्धिक दिव्यांग एथलीटों के लिए हॉकी को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में लॉन्च किया है। इसी कड़ी में ग्रेटर फरीदाबाद स्थित श्रीराम मिलेनियम स्कूल में स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा व केन्द्रीय राज्यमंत्री चौ.कृष्णपाल गुर्जर ने इसे लॉन्च किया। 26 फरवरी तक चलने वाली इस प्रतिस्र्पधा में देशभर के विभिन्न राज्यों से आई टीमें जिसमें आंघ्र प्र्रदेश,दिल्ली,गुजरात,हरियाणा,हिमाचल प्रदेश,कर्नाटक,केरल,उड़ीसा,पंजाब,राजस्थान व उत्तर प्रदेश भाग ले रही है। इस मौके पर डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स भारत एक राष्ट्रीय खेल महासंघ है जो स्पेशल ओलंपिक्स इंक. यूएसए द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह बौद्धिक दिव्यांग बच्चों और वयस्कों के लिए पूरे भारत में खेल और विकास कार्यक्रम आयोजित करता है। इसे भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में मान्यता प्राप्त है। स्पेशल ओलंपिक्स भारत बौद्धिक दिव्यांग एथलीटों के लिए हॉकी का शुभारंभ; भारतीय खेलों में समावेश के एक नए युग का आगाज है। यह मील का पत्थर राष्ट्रीय खेल आंदोलन में एक नया अध्याय जोड़ता है, जिससे हजारों विशेष एथलीटों को हॉकी के मैदान पर अपनी हिम्मत, टीम वर्क और खेल कौशल दिखाने का मंच मिलेगा। उन्होनें कहा कि हॉकी की शुरुआत केवल एक नए खेल का जुडऩा नहीं है, बल्कि यह बौद्धिक दिव्यांग एथलीटों के समग्र विकास की एक प्रतिबद्धता है। एक टीम खेल के रूप में, हॉकी संचार, रणनीतिक सोच और सामूहिक जिम्मेदारी जैसे आवश्यक जीवन कौशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मैदान पर उतरकर ये एथलीट सामाजिक रूढय़िों को चुनौती देते हैं और यह साबित करते हैं कि सही अवसर मिलने पर वे किसी भी अन्य खिलाड़ी की तरह जुनून और तीव्रता के साथ खेल सकते हैं। डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा इस पहल को हरियाणा सरकार के खेल विभाग से महत्वपूर्ण समर्थन मिला है, जो भारत में पैरा और विशेष एथलीटों की सहायता के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है। इन खिलाडय़िों की क्षमता को पहचानते हुए, राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्पेशल ओलंपिक्स भारत हरियाणा सरकार की प्रगतिशील खेल नीति के प्रति गहरा आभार व्यक्त करती है, जो विशेष आवश्यकता वाले खिलाडय़िों के लिए समान सम्मान सुनिश्चित करती है। पदक विजेताओं के लिए राज्य द्वारा दी जाने वाली नकद पुरस्कार राशि और समावेशी खेल परिसरों के विकास ने इन खिलाडय़िों का मनोबल बढ़ाया है। यह अटूट समर्थन न केवल एथलीटों को प्रेरित करता है बल्कि उनके परिवारों को भी सशक्त बनाता है। इस मौके पर चौ. कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि इस लॉन्च का श्रेय स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा के अथक प्रयासों को जाता है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में, स्पेशल ओलंपिक्स भारत सम्मान और स्वीकृति के एक शक्तिशाली आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है। डॉ. नड्डा ने प्रोग्राम की पहुंच बढ़ाने और इसे जमीनी स्तर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस अभियान का लाभ पहुँच सके। यह लॉन्च उन एथलीटों के लिए एक संरचित मार्ग बनाता है जिन्होंने खेल की बारीकियों में महारत हासिल करने के लिए कठोर प्रशिक्षण लिया है। इन विशेष एथलीटों ने प्रतिस्पर्धी स्तर तक पहुंचने के लिए शारीरिक और बौद्धिक चुनौतियों पर विजय प्राप्त करते हुए अपार समर्पण दिखाया है। उनकी यात्रा प्रतिकूल परिस्थितियों पर विजय पाने की मानवीय भावना का प्रमाण है। इस अवसर पर एसओबी की हरियाणा अध्यक्षा,लतिका शर्मा,महापौर श्रीमती प्रवीण बतरा जोशी,पूर्व मंत्री श्रीमती सीमा त्रिखा,हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया,मानव रचना ,एजुकेशन इंस्टीट्यूशन से डॉ.अमित भल्ला,वरिष्ठ उपप्रधान संजय आहूजा,दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-19 की प्रधानाचार्य कु0. संगीता चक्रवर्ती,श्रीराम मॉडल स्कूल की डायरेक्टर $कु0. अंतरा सिंह,भाजपा जिला उपाध्यक्ष गोल्डी अरोड़ा,महामंत्री शोभित अरोड़ा व एनएच मण्डल अध्यक्ष अमित आहूजा उपस्थित थे।

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