– जिला के सभी मेडिकल स्टोर्स का मासिक निरीक्षण अनिवार्य, लंबित जांच 30 दिन में पूरी करने के निर्देश
फरीदाबाद, राकेश देव। उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित एन्कोर्ड बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, औषधि नियंत्रण विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में नशा मुक्ति अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मेडिकल स्टोर्स के नियमित निरीक्षण, ड्रग डी-एडिक्शन एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों की प्रभावी मॉनिटरिंग, तथा शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों के संचालन और उनके प्रभाव पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डीसी आयुष सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पिछले माह से अब तक किए गए निरीक्षणों का विस्तृत विवरण नाम व स्थिति सहित शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मेडिकल स्टोर का मासिक निरीक्षण अनिवार्य रूप से हो तथा जिसकी जांच लंबित है उसे 30 दिनों के भीतर पूर्ण किया जाए। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है तथा निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। डीसी आयुष सिन्हा ने अवैध रूप से संचालित एक वेलनेस/रिडक्शन सेंटर के संबंध में चर्चा करते हुए निर्देश दिए गए कि एसडीएम, एसीपी एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित कर सप्ताह के अंत तक स्थल निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाए। पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में हुई प्रगति पर भी अधिकारियों से स्पष्ट रिपोर्ट मांगी गई। अधिकारियों द्वारा नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में स्कूल/कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई। डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि खेल परिसरों एवं स्टेडियमों में युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया गया है। पुलिस विभाग की कम्युनिटी पुलिसिंग टीम द्वारा स्कूलों एवं कॉलेजों में अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री की रोकथाम हेतु निगरानी बढ़ाई जाये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल कैंपस के आसपास किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया गया कि ड्रग डी-एडिक्शन एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर्स का मासिक निरीक्षण नियमित रूप से किया जाए तथा क्वार्टरली निरीक्षण में संबंधित नोडल अधिकारी की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय मजबूत करने और प्रत्येक निरीक्षण की पारदर्शी रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग मासिक एवं त्रैमासिक रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें, निरीक्षणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा नशा मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से सामूहिक एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आगामी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।


