Tuesday, February 24, 2026
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कालका स्टील कंपनी अग्निकांड के मृतक आश्रितों को एक करोड़ आर्थिक सहायता, स्थाई नौकरी व शहीद के दर्जे की मांग को लेकर कर्मचारी व मजदूरों ने डीसी ऑफिस पर किया प्रदर्शन

मृतकों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा: नरेश कुमार शास्त्री

1मार्च को सभी फायर स्टेशनों पर श्रद्धांजलि सभा 8 अप्रैल से हड़ताल :- नरेश कुमार शास्त्री

फरीदाबाद, राकेश देव। कालका स्टील कंपनी में 16 फरवरी को हुए भीषण अग्निकांड व विस्फोट में मृतकों की संख्या 6 पहुंच गई है। जिसमें दो अग्निशमन के कर्मचारी,एक पुलिस कर्मचारी और कंपनी मालिक का बेटा तथा दो मजदूर शामिल हैं। जिसको लेकर कर्मचारियों और मजदूर संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को दो अग्निशमन विभाग के दो कर्मचारी व एक पुलिस कर्मचारी व अन्य मजदूरों की मृत्यु से आक्रोशित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और मजदूर संगठन सीटू ने डीसी आफिस पर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मृतक आश्रितों को एक करोड़ रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने, मृतक आश्रितों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और शहीद का दर्जा तथा घायलों को दस दस लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। डीसी आयुष सिन्हा ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की व कहा कि तमाम मांगों बारे सरकार को सिफारिश की गई है। प्रदर्शन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, सीटू हरियाणा के महासचिव जय भगवान, अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेन्द्र सिण्द व महासचिव गुलशन भारद्वाज ने भी शिरकत की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने डीसी के समक्ष दो टूक कहा कि जब तक सरकार उक्त मांगों को नहीं मानेगी,तब तक आंदोलन जारी रहेगा। नरेश कुमार शास्त्री व राजेंद्र सिनद ने कहा कि पहली मार्च को अग्निशमन विभाग के शहीद हुए भवीचंद शर्मा, रणबीर सिंह व पुलिस कर्मचारी रवि व अन्य मृतकों को सभी फायर ब्रिगेड स्टेशनों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएगी और सरकार ने 7 अप्रैल तक मांगों का समाधान नहीं किया तो फायर ब्रिगेड के सभी कर्मचारी 8 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे और नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदों और अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल की एकजुटता में सड़कों पर उतरने पर मजबूर होंगे। प्रदर्शन से पूर्व प्रदर्शनकारी कर्मचारी ओपन एयर थिएटर में एकत्रित हुए और वहां सर्व कर्मचारी संघ के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश चंद्र व सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और न्याय मिलने तक आंदोलन करने का संकल्प लिया गया। सभा का संचालन सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर ने किया प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी व मजदूर नेता सुभाष लांबा, नरेश कुमार शास्त्री व जय भगवान ने कहा कि 16 फरवरी,2026 को फरीदाबाद स्थित कालकाजी लुब्रिकेंट एवं शिव स्टील कंपनी में केमिकल ड्रमों में हुए भीषण विस्फोट व अग्निकांड सरकार व प्रशाशन की भारी लापरवाही का नतीजा है। कंपनी में किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा रहा था। ज्वलनशील केमिकल डर्मो को भी खुले में रखा गया था। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या ओर भी बढ़ सकती है। सरकार व सेफ्टी एंड हेल्थ डिपार्टमेंट जिसकी सुरक्षा उपायों की जांच की जिम्मेदारी बनती है, वह इसके लिए कम दोषी नहीं है। सेफ्टी एंड हेल्थ डिपार्टमेंट में निगरानी के लिए न तो पूरा स्टाफ है और अब सरकार ने कानूनों में बदलाव करके निगरानी व्यवस्था को ही लगभग खत्म कर दिया है। मजदूरों – कर्मचारियों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है और मालिकों को मुनाफा कमाने के लिए इस ऑफ डूइंग बिजनेश का नारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार के चार लेबर कोड्स भी यही है मजदूर मरे तो मरे मालिकों का मुनाफा बनता रहे। संगठन नेताओं ने कहा कि इस लापरवाही ने अभी तक 6 लोगों की जान ले ली है और कईयों की हालत नाज़ुक है। प्रदर्शनकारियों को नगरपालिका कर्मचारी संघ के नेता शिवचरण, सुनिल चंडालिया, सीटू नेता सुधा पाल, रिटायर्ड कर्मचारी नेता लज्जा राम आदि नेताओं ने भी संबोधित किया।

*1) दिवंगत दमकल कर्मचारी श्री भवीचंद शर्मा, रणवीर सिंह (एचकेआरएन) व रवि पुलिस कर्मचारी को शहीद का दर्जा और परिवारों को ₹1 -1 करोड़ रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा पत्नी / परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी दी जाए।

*2) दिव्यांग बेटी को सभी सामाजिक लाभ और दोनों बेटियों को पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाए जाएं।

*3) गंभीर रूप से घायलों का उपचार मुफ्त कराया जाए और 10-10 लाख आर्थिक सहायता राशि दी जाए।

*4) मृतक मजदूरों के आश्रितों को भी 1 करोड़ रुपए का मुआवजा व परिवार को नौकरी तथा घायलों को 10 लाख का मुआवजा ओर फ्री इलाज मिले।

5)भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सेफ्टी एवं हेल्थ विभाग में कर्मचारियों की भर्ती हो। निरंतर निरीक्षण की व्यवस्था हो

सभी फायर स्टेशनों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।*

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